बाबा रामदेव ने एक मुहीम के तहत विदेशो में जमा काला धन देश में लाने के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन चलाने की कोशिश की | देश हित को देखते हुए बहुत से लोग भी भ्रष्टाचार के खिलाफ उठ खड़े हुए और बाबा के आंदोलन से जुड़ गए | जो मुद्दा बाबा ने उठाया वो सरकार को कैसे रस आ सकता था क्योंकि घूमफिर कर सरकार में बैठे लोगो का ही पैसा तो वहाँ जमा है | ये क्यों चाहेगें कि बईमानी से जमा किया गया उनका पैसा कोई और लें |
सरकार ने बाबा को समझाने की बहुत कोशिश की | खुलकर कुछ बोल नहीं पाए | बाबा के द्वारा किये जा रहे आंदोलन को खत्म करने का ऐसा रास्ता अपनाया जो पूरे देश को शर्मशार कर रहा है | पुलिस तो है ही सरकार की कठपुतली | क्या औरते,क्या बच्चें,बुजुर्ग सब को बेहरमी से मारा-पीटा गया| यहाँ तक जो योगगुरु बाबा रामदेव को भी मारने की कोशिश की गयी | इस जघन्य अपराध को सत्ता में बैठे लोग उचित ठहरा रहे है | लालूप्रसाद यादव तो यहाँ तक कह रहे है कि बाबा केवल योग सिखाएं ?लालूप्रसाद के अनुसार तो सबको इन नेताओं की तरफ से आखं मूंद लेनी चाहिए | वो देश में कुछ भी करे कोई कुछ न बोले | इन नेताओं ने देश के लोगों की ये स्तिथि कर दी है कि एक छोटे से छोटा काम करवाने के लिए पैसा देना पड़ता है नही तो आपका काम लटका ही रहेगा |
सरकार द्वारा किये गए बर्बरता पूर्ण कायर आक्रमण को कांग्रेसी और उनके साथ जुड़ी पार्टियां सही बता रही है ? पुलिस अपनी सफाई दे रही है ? दिग्विजय सिंह तो बहुत ही शातिर है उन्हें आतंकी लोग तो समाननीय नजर आते है और देश भक्त लोग उन्हें ठग लगते है | दिग्विजय को अपने दिल के तराजू में तोलकर देख लेना चाहिए कि ठग कौन है और महाठग कौन हैं
इस सरकार ने तो ऐसी हरकत की है कि देश के लोगों को इस सरकार से सत्ता ही छीन लेनी चाहिए| हमारे प्रधानमंत्री के लिए तो क्या कहे वो तो सोनिया के अहसान तले बिना वजह दबे जा रहे है | हे! प्रधानमंत्री महोदय अब तो जागो माताजी को छोड़कर और लोगो की भी सुनने की कोशिश करो ?
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